ऑपरेशन सिंदूर के बाद पंजाब में सक्रिय हुआ पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क, कई राज्यों में कार्रवाई

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पंजाब में सक्रिय हुआ पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क, कई राज्यों में कार्रवाई

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Pakistani spy network activated in Punjab after Operation Sindoor

चंडीगढ़। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने पंजाब में जासूसी नेटवर्क को तेजी से सक्रिय किया। सीमा से सटे इलाकों, सैन्य ठिकानों, एयरबेस और सेना की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक, इंटरनेट मीडिया और लोकल मॉड्यूल का इस्तेमाल किया गया।

पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मई 2025 से मार्च 2026 तक देशभर में 457 पाकिस्तानी जासूसों और उनसे जुड़े लोगों की पहचान कर कार्रवाई की गई। इनमें कई मामलों में शुरुआती इनपुट पंजाब पुलिस ने दिए।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने सीधे सैन्य टकराव के बजाय तकनीकी जासूसी, डिजिटल नेटवर्क और लोकल मॉड्यूल के जरिए पंजाब को निशाना बनाने की रणनीति अपनाई है। इंटरनेट मीडिया, हनी ट्रैप, नकदी, हवाला चैनलों और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए स्थानीय युवाओं को जाल में फंसाने की कोशिश की। उन्हें सेना की गतिविधियों, बार्डर मूवमेंट और रणनीतिक ठिकानों की तस्वीरें व लोकेशन साझा करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

सेना ठिकानों के पास सोलर कैमरे लगाने की साजिश

सबसे बड़ा खुलासा सिम आधारित सोलर सीसीटीवी कैमरों को लेकर हुआ। पंजाब पुलिस के अनुसार मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान आईएसआई समर्थित आपरेटिव स्थानीय लोगों के जरिए सेना और पुलिस ठिकानों के आसपास ऐसे कैमरे लगवाने की तैयारी कर रहे थे। 

इन कैमरों में सोलर पैनल लगे होते हैं, जिससे बिना बिजली कनेक्शन के भी लंबे समय तक निगरानी संभव रहती है। कैमरों में लगे सिम नेटवर्क के जरिए फुटेज सीधे इंटरनेट के माध्यम से सीमा पार बैठे हैंडलरों तक भेजी जा सकती थी। काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने इस गतिविधि को समय रहते ट्रैक कर लिया। कई संदिग्धों को कैमरे इंस्टाल और एक्टिव करने से पहले ही पकड़ लिया गया।

पंजाब में छह केस, नौ गिरफ्तार

पंजाब में छह अलग-अलग मामलों में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया। अमृतसर के अजनाला निवासी सूरज मसीह और फलक्षेर मसीह पर सेना छावनी और एयरबेस की तस्वीरें पाकिस्तानी आपरेटिव तक पहुंचाने के आरोप हैं। गुरदासपुर के सुखप्रीत सिंह और करणबीर सिंह को भी इसी नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में पकड़ा गया।

तरनतारन के गगनदीप सिंह पर आपरेशन सिंदूर के दौरान सेना की तैनाती और रणनीतिक लोकेशन की जानकारी साझा करने के आरोप लगे हैं। उसके संबंध नामित खालिस्तानी आतंकी गोपाल सिंह चावला से भी सामने आए हैं।

वहीं रूपनगर के यूट्यूबर जसबीर सिंह को एसएसओसी मोहाली ने गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क और हथियार-सप्लाई माड्यूल से जुड़े ऑपरेटिव के संपर्क में था तथा कई बार पाकिस्तान भी जा चुका था।

बिजली मीटर और सिम नेटवर्क का कैसे होता है इस्तेमाल?

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार आधुनिक स्मार्ट बिजली मीटर और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण डेटा ट्रांसमिशन के लिए कम्युनिकेशन सिम या नेटवर्क माड्यूल का इस्तेमाल करते हैं। जांच एजेंसियों को आशंका रहती है कि जासूसी नेटवर्क ऐसे कम्युनिकेशन माड्यूल या सक्रिय सिम आधारित डिवाइसों का दुरुपयोग कर सकते हैं, ताकि इंटरनेट आधारित कैमरे और निगरानी उपकरण दूरदराज क्षेत्रों में भी चालू रखे जा सकें।

सिम आधारित सोलर कैमरे मोबाइल नेटवर्क के जरिए फुटेज ऑनलाइन भेजते हैं। इनमें बिजली की जरूरत कम होती है और इन्हें खेतों, बार्डर बेल्ट या सुनसान इलाकों में आसानी से छिपाया जा सकता है। यही वजह है कि पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने हाल के महीनों में ऐसे उपकरणों की विशेष जांच और निगरानी बढ़ाई है।

इनपुट पर इन पर कार्रवाई

पंजाब पुलिस के इनपुट पर कई राज्यों में पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई हुई। हरियाणा में हिसार की यूट्यूबर ज्योति रानी को पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से संपर्क के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

पानीपत में नौमान इलाही और कैथल के देवेंद्र सिंह पर सेना से जुड़ी सूचनाएं साझा करने के आरोप लगे। राजस्थान में मौलवी कासिम और उसके भाई आसिम को आईएसआई नेटवर्क और भारतीय सिम कार्ड उपलब्ध कराने के आरोप में पकड़ा गया। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा निवासी अभिषेक भारद्वाज को संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

सीमा राज्य होने के कारण पंजाब हमेशा आईएसआई के निशाने पर रहता है। इसी वजह से राज्य में तकनीकी निगरानी और काउंटर इंटेलिजेंस नेटवर्क लगातार मजबूत किया गया है। पंजाब पुलिस के इनपुट के आधार पर हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, तेलंगाना और अन्य राज्यों में कार्रवाई हुई।- गौरव यादव, पंजाब डीजीपी